Kabir aur Kabirpanth; By F.E. Keay; Translated by Kanwal Bharti

₹399.00

‘कबीर और कबीरपंथ’ एक शोध ग्रंथ है, जिसके रचयिता फ्रैंक अर्नेस्ट केइ ब्रिटिश शोधार्थी और पादरी थे। वर्ष 1931 में उनकी यह किताब ‘कबीर एंड हिज फॉलोअर्स’ शीर्षक से प्रकाशित हुई। हिंदी में इसका प्रथम अनुवाद बहुजन लेखक चिंतक कंवल भारती के द्वारा किया गया है। इस पुस्तक को पढ़ते समय जो सबसे पहली अनुभूति होती है, वह इसकी भाषा है। वैसे तो यह मूल रूप से केइ की भाषा है, जिन्होंने विषयों को समग्रता में रखते हुए कबीर के संबंध में उठनेवाले तमाम सवालों को अत्यंत ही सहज तरीके से प्रस्तुत किया है। लेकिन हिंदी में इसका अनुवाद करते समय कंवल भारती ने इसके प्रवाह को बनाए रखा है। इससे अनूदित स्वरूप में भी इस किताब की रोचकता बनी रहती है। (डॉ. संयुक्ता भारती की समीक्षा से)